2008-06-12

रोल नंबर एक हाजिर हो...पहला भाग.

अब भी जब घर मे क्रिकेट का मैच देखता हूँ तो कई बार  आज भी सीटी बजाता हूँ ,मेरा बेटा हैरान हो कर मुझ से इसकी कई बार दुबारा भी फरमाइश करता है ,होस्टल के दिनों मे क्रिकेट मैच एक समारोह की तरह होता था ,जिसमे बाकायदा कोई खास मैच शुरू होने से पहले टी.वी की बाकायदा पूजा भी की जाती थी ओर आगे की सीट के लिए पहले से लम्बी वेटिंग लगती थी ,हर रन पर तालिया ओर सीतिया बजती थी ओर हर विकेट पर जश्न होता था ,किसी मैच को जीतने के बाद बाकायदा जलूस निकलता था ओर देशभक्ति के जोर जोर से नारे गूंजते थे ,सचिन तब भी हमारे भगवान् हुआ करते थे .ओर चलते मैच के दौरान किसी नाजुक स्थिति मे सारे टोटके आजमाये जाते थे ,बाथरूम जाने वाले को भी अपनी सीट से उठने की मनाही थी .
पर कुछ क्रिकेट मैच अलग ही होते है उनमे से एक मैच ये भी था ,बात “फोरेंसिक- MEDICINE” के exam के viva की है। हमारे head एक south Indian थे क्रिकेट के बहुत शौकीन थे और बाहर से आने वाले examiner भी …उस दिन सूरत मे खूब बारिश हो रही थी… ओर “INDO-PAK SERIES ‘ का एक दिवसीय मैच भी ।बारिश की वजह से लाइट नही आ रही थी । हम अन्दर दाखिल हुए तो तो एक ‘RADIO’ धीमी आवाज मे मैच का आंखो देखा हाल बयान कर रहा था . उन्होंने हमारे अप्रोन पर टंगी हमारी “name plate” पर सरसरी निगाह डाली ओर फ़िर कहा ‘DEFINE POISON’ हम रटे –रटाये संवाद की तरह शुरू हुए “poison is a substance……॥ 
रेडियो पर जोर की अस्पष्ट आवाज़ हुई  "क्या हुआ ?"
 हिन्दुस्तानी रेडिओ नाजुक मौके पे ख़ास  खर खर  किस्म की आवाजे सुनाते है उन दोनों महानुभावो ने अपनी गर्दन का डायरेक्शन चेंज किया .कोई चोका लगा था .अजहर ने मारा था यूं तो हम भी बहुत बड़े क्रिकेट के शौकीन है पर उस रोज हमारा ध्यान कही ओर था दोनों फ़िर मुड़े
 " हाँ बतायो " 
मैं फ़िर शुरू हुआ ”poison is a……….फ़िर तेज शोर गुल . रेडियो कुछ disturb सा हुआ . हमारे सर कुछ बैचैन से हुए ,बुन्दू ने ने आँख का इशारा समझा ओर रेडियो के कान उमेठे .भाग कर 2 रन लिए गए थे दोनों के चेहरे पर एक तस्सली सी आई एक बार फ़िर .हम फ़िर शुरू हुए "poison is a substance…"
 जोरदार अपील .LBW ? अजहर  के लिए.
हमे काटो तो खून नही , ये मैच पाकिस्तान मे हो रहा था ,ओर वहां तो अपील से पहले ही umpire हाथ उठा देंते है .हमने मन ही मन भगवान -अल्लाह दोनों से दुआ की . हमारी प्राथना स्वीकार हुई .यदपि हम घोर नास्तिक ओर आर्यसमाजी पृष्ट-भूमि परिवार से नाता रखते है (ये बात ओर है की हमने उसके कई नियमो को माना  नहीं  ) लब्बे- लुआब   ये के अजहर को आउट नही दिया गया ओर हम भी आउट होने से बच गए , आज भी अगर कोई सोते सोते हमसे poison की परिभाषा पूछेगा तो हम उसे बता सकते है ॥ 
अमूमन एक्साम के viva से जब पहला शख्स बाहर निकलता है तो उस पर कई सवालिया निगाहे होती है ,जो धीरे धीरे एक घेरे के रूप मे तब्दील हो जाती है ओर फिर बाहर निकला शख्स अपने तजुर्बे सुनाता है .उसमे कितना सच ओर कितना झूठ होता है ये अलबत्ता बहस का विषय है वैसे एक्जाम के मुताल्लिक  ओर कुछ निर्देश भी होते है की आप बाहर निकलते ही सीधे उस दायरे से बाहर चले जायेंगे .हम बाहर निकले ओर खुशी मे ही डांस की मुद्रा शुरू की कुछ ठुमके ही लगाये थे की एक पोज़ मे पीछे मुड़े तो हमारे  सुब्रह्मान्यम सर पीछे खड़े थे
"ऐ लड़के क्या करता है ?".
“सॉरी सर -सॉरी सर “ कहते हम सरपट दौड़  लिए. 

22 टिप्‍पणियां:

  1. आपके चरित्र में एक किशोर अभी भी जीवन्त है। समय के साथ इसे फेड आउट न होने दीजियेगा; जैसा गलत हमने कर दिया है!

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  2. वाह जी वाह.
    आप का ये नया रूप भी पसंद आया.
    वैसे कई बातें जो आपने ऊपर बताई उनसे हम भी गुजर चुके हैं और गुजर रहे है.

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  3. सुभारानायम सर को कह देते
    " सार ..इन्डीया शाइनीँग !"
    स्नेह्,
    - लावण्या

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  4. पांडे जी की बात से सौ फी सदी सहमत.. यही तो बात है जो आपको औरो से जुदा करती है..

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  5. :):) doc saab aapki aur india dono ki kismat achhi thi jo exam aur match se out hone se batch gayi,vaise hi FMT subject boring hai:);),ha ha i was feeling the tension of exam while reading,pasine chut gaye,means ur lekh is very mast mast,aapka nanha man hamesha khush rahe yahi dua:)amen

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  6. जीवन की छोटी छॊटी घटनाओं को याद रख पाना तो कोई आपसे सीखे जी.

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  7. बिल्कुल जी...ऐसे ही ठुमके लगाते रहिये.अनेकों शुभकामनाऐं.

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  8. अच्छी किस्मत थी जो बच गए आप..रोचक है यह भी आपके यादो की श्रंखला में से एक यादगार ..यूं ही ठुमकते रहिये :)

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  9. थिक से याद नही है लेकिन किसी दुसरे पोस्ट में आपने जिक्र किया था कि याद नही कि पिछले बार कब खुल कर हसे, याद नही कि कब किसी ने आपके लिए दुआ की. डाक्टर साहब कई चीजे उम्र के साथ मिलती हैं और इसी के साथ व्यवहार को भी उसी अनूरोप रखना पड़ता है. मॅन हो या न हो... यही बात अटक जाती है... मॅन होने के बावजूद आप वो नही करते जो आपकी प्रकृति है. मचिने होने लगे हैं हम. ऐसे चलना ऐसे खाना खाना... लड़क्क्पन गायब होता जा रहा है. मिस करता हू... आपसे आपकी सीटी बजाने वाली बात सुनकर अच्छा लगा... लगे रहिये

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  10. ये किस्सा तो बहुत ही मजेदार रहा। और सबसे बड़ी बात कि आप आउट होने से बच गए। :)

    ऐसी यादों के और पिटारों का इंतजार रहेगा।

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  11. बहुत मस्त अंदाज में लिखा है.. कई बातें याद दिला दी.. जैसे रात के 12 बजे सड़कों पर चीख-चीख कर गाना गाते हुये चलना.. लोगों का आश्चर्या से हमें देखना और ना जाने क्या क्या सोचना क्योंकि हमारे साथ हमारी कई महिला मित्र भी होती थी..
    कालेज के दिन कि तो बात ही कुछ और थी.. :)

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  12. Dr. Saab jab man kushi main hota hai tao hamaare main bachpana chha aata hai, aur ham siti bajaana , uchhalna- koodna jaise bachpana harkat karte hai . isse hame doguni khushi milti hai . aapke viva wala vaakya bhi chhatra jeevan ke allhad athkheliyon ki yaad dilaata hai. bahut badhiya sansmaran hai .

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  13. चलिए आपको डेफिनिशन याद थी यहाँ तो कई टेस्ट और वायवा में हाथ खड़े कर दिए जाते थे :-)

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  14. बहुत बढ़िया पोस्ट है. क्रिकेट को लेकर हम सभी के पास कुछ न कुछ किस्से जरूर हैं लेकिन आपने जिस तरह से ये पोस्ट लिखी है, पढ़कर लगता है कि बस पढ़ते जाएँ.

    आपकी हर पोस्ट आपके ब्लॉग के नाम को चरितार्थ करती है.

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  15. जीवन के अद्भुत संस्मरणों को अभिव्यक्ति में उतारना , वह भी पूरी ईमानदारी के साथ , अभिव्यक्ति की ब्यापकता को दर्शाता है ...ऐसी यादों का और इंतजार रहेगा।

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  16. आपने शब्दों से ही पूरा दृश्य उकेर दिया। जैसे रेडियो कमेण्ट्री के धुरंधर करते थे।
    अब तो टी.वी. ने क्रिकेट का वह सस्पेंस ही खतम कर दिया। रेडियो के चारो ओर एक-दूसरे से रगड़ करते सिरों का गोल घेरा अब देहातों मे ही दिखता है, जहाँ बिजली नहीं होती।

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  17. maza aaya...sach criket ka bukhaar hi kuch aisa hota tha un dino. ye achcha raha ki viva mein aap out nahi hue... :-)

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कुछ टिप्पणिया कभी- कभी पोस्ट से भी सार्थक हो जाती है ,कुछ उन हिस्सों पे टोर्च फेंकती है ... .जो लिखने वाले के दायरे से शायद छूट गये .या जिन्हें ओर मुकम्मिल स्पेस की जरुरत थी......लिखना दरअसल किसी संवाद को शुरू करना है ..ओर प्रतिक्रिया उस संवाद की एक कड़ी ..

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