2008-10-20

चाँद कल गिर पड़ा था आँगन में

गांधी के पूर्णता शराब बंद राज्य के उस शहर के एक कोने में स्थित उस होस्टल में उस रात ये "एक्सीडेंटल डिस्कवरी "हुई .पहला जाम अभी पुरा हुआ नही था ..जगजीत सिंह की अभी केवल दो गजले हुई थी की अचानक "माइक "के शरीर में चीटिया सी रेंगनी शुरू हुई ..फ़िर चेहरा लाल ,ओर शरीर पर तमाम तरह की आकृतिया बनने लगी ..फ़ौरन रात के उस पहर में मोटरसाइकिल निकाली गई ओर स्किन डिपार्टमेन्ट के रेसिडेंट की तलाश शुरू हुई ,समस्या ये थी की उस हालात में जब बीमार भी पिए हुए हो ओर तीमारदार भी तो इस शर्मिंदगी को किसी मेल रेसिडेंट के सामने कमतर महसूस किया जा सकता था ओर डिपार्टमेन्ट में केवल  4 मेल रेसिडेंट थे दो उसमे लोकालाईट थे ,ओर बाकी बचे दो में से एक साहब अपने पैतृक घर गए हुए थे .बचे एकमात्र रेसिडेंट के बारे में विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ के वे किसी पिक्चर हाल में रात्री सिनेमा का आनंद ले रहे है. मोटरसाइकिल का रुख सिनेमा हॉल की तरफ़ मोड़ दिया गया ...पिक्चर थी मणि रत्नम की बॉम्बे .दो लोग अन्दर घुसे किसी तरह (कैसे लाये ये आज तक रहस्य है ओर होस्टल में इसके बारे में तरह तरह की किदवंतिया है) खैर सिनेमा हाल के एक कोने में माइक के कपड़े उतारे गये वही तुंरत -फुरंत उन्हें "एडलट्रेटेड अल्कोहल "(देसी भाषा में बोले तो मिलावटी शराब )से एलर्जी -ग्रस्त घोषित किया गया .

उसके बाद सोते ,उंघते ,या लाइब्रेरी में किताबो से जूझते माइक तो तीनो बोयस होस्टल में होने वाली किसी भी पार्टी के लिए उठा लिया जाता .पहला जाम उन्हें पेश होता , फ़िर  अगले  15 मिनटों  का  लंबा  इंतज़ार  उनके शरीर के कपड़े उतारकर गहरा परिक्षण होता . कही कोई निशाँ नही दिखता तो पार्टी का बिगुल बजता .
किसी आपातकालीन स्थिति के लिए लोग डेक्सोना ओर एविल के इंजेक्शन कमरे में रखते  ,साथ ही   स्किन डिपार्टमेन्ट के रेसिडेंट का उस रात का आगामी प्रोग्राम भी (उन दिनों मोबाइल जैसी चीजे आयी नही थी )
इस एलर्जी से हुए इन दुषपरिणामो से हताश ओर निराश होकर माइक ने दबंगों की शरण ली,आखिरकार  इस समस्या से निबटने के लिए सभी होस्टल की एक सर्वदलीय बैठक हुई . जिसमे सर्व सम्मति से ये निर्णय लिया गया की माइक केवल अपनी इच्छानुसार किसी भी पार्टी का आमंत्रण स्वीकार करेगे ओर उनकी सहूलियत के लिए सुबह ही होस्टल नोटिस बोर्ड पर नोटिस लगा दिया जायेगा की आज फलां बजे पार्टी है.


बाद के सालो में हमने स्किन डिपार्टमेन्ट ज्वाइन किया (तब तक मोबाइल आ चुका था ) खुशकिस्मती से हमने कई रात्रीकालीन शो निर्विरोध देखे ..ओर माइक के साथ हमने भी पी तब तक शायद मिलावट करने वालो का स्टेंडर्ड उठ गया था या उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता .
 ..ओर भारत ने मोहाली टेस्ट जीत लिया है ...चियर्स



आज की त्रिवेणी

रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

75 टिप्‍पणियां:

  1. त्रिवेणी लाजवाब है. और वाकया मजेदार. अच्छा लगा जिंदगी का ये पन्ना भी. और क्या बात है की आज हम पहले हैं कमेन्ट करने वाले. चियर्स

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  2. बहुत मजेदार है यह वाकया तो ..नशीला सा ..:) त्रिवेणी ने तो होश गुम कर दिए .बहुत खूब ...

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  3. aapki choti si kavita yani aapki triveni ne hriday me sthaan bana liya .....bahut sundar

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  4. चियर्स आपको भी.. इंडिया की जीत के लिए और इतनी बढ़िया पोस्ट के लिए... त्रिवेणी भी अपना काम कर गयी..

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  5. सुंदर त्रिवेणी के साथ सुंदर वाकया है...
    चाँद कल गिर पड़ा था आंगन में...वाह!

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  6. हम्म, मज़ा आ गया. खूब मज़े किए है आपने. गजब का चित्रण करते है. मैं तो आपकी फेन हूँ.

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  7. अनुराग जी,जिन्दगी खूबसूरत यादों से ही जीने के काबिल बनती है,आपकी चित्रात्मक शब्द शैली सीधे आंखों उतर जाती है बधाई ढेर सी.मैं

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  8. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

    आनंद दायक त्रिवेणी और मजेदार रचना ! धन्यवाद !

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  9. बहुत मीठी और मजेदार यादे है आपकी ! शुभकामनाएं !

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  10. बहुत ही गजब उम्दा त्रिवेणी है.

    माईक को तो आपने खूब टेस्टर की तरह इस्तेमाल किया भाई..हा हा!! मजेदार संस्मरण रहा. :)

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  11. माइक न हुए लिटमस पेपर हो गए ! :-)

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  12. बहुत खूब। वैसे आपने अपने ब्लॉग का नाम बहुत सोच समझ कर रखा है, आपकी पोस्ट सीधे दिल में उतर जाती हैं।

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  13. आजकल राजकोट में एक बड़े हॉस्पिटल को बखूबी चला रहे है ,उन्हें किसी रात को उठाया नही गया है...ओर भारत ने मोहाली टेस्ट जीत लिया है ...चियर्स


    अच्छा लगा जिंदगी का ये पन्ना.मजेदार यादे, बहुत सुंदर लिखा है

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  14. बहुत खूब.....
    आनंद दायक त्रिवेणी और मजेदार रचना !

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  15. चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे,

    अरे डॉ. साहब को देखिए तो चाँद को शराबी क़रार देने पर तुले हैं, पर प्रयोग अनूठा लगा सो बधाई स्वीकारें!

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  16. waah mazedar vakia,ofcourse not for allergic maik,bichara kitne party ka pehla jaam piya hoga.

    triveni bahut khubsurat,raat chand pi kar gira tha aangan mein waah.

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  17. hi dear friend,
    how r u?
    pls visit this blog for great information..

    http://spicygadget.blogspot.com/.

    thank you dear
    take care..

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  18. बहुत दिनों बाद पिछले कई दिनों से मुझे पुराने डॉ अनुराग दिख रहे है ,ओर बहुत अच्छा लग रहा है किसी ने कभी कहा था की आप किस्सों की खान है ,सही कहा था ओर त्रिवेणी के आप मास्टर है.
    भारत की जीत पर बधाई

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  19. आज बहुत दिनों बाद पढ़कर मजा आ रहा है, आज तो लग रहा है, फिर पहले वाले कालेज के जमाने के डा. अनुराग लिख रहे हैं

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  20. चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे....
    अरे यह चाँद कब से पीने लगा ? यह तो मेरी मोसी का लडका है, ओर राधा स्वामी है.... :)
    बहुत ही खुब सुरत
    धन्यवाद

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  21. डाक्टर साहब सही कह रहे हैं ! हमने चाँद को पीते देखा है ! बहुत बढिया लगी त्रिवेणी !

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  22. त्रिवेणी सचमुच लाजवाब है
    इसे पढने के बाद पहले का पढ़ा सबकुछ भोल गया.
    मिलावटी शराब की पहचान का ऐसा शानदार तरीका मेडिकल होस्टल में ही खोजा जा सकता था.

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  23. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

    अदभूत।
    वाक्या नशीला बना गया।

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  24. अंदाज ए बयाँ कुछ और है। मगर माइक की एलर्जी भी दुबारा टेस्ट हुई या नहीं?

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  25. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

    मस्त भाई मस्त..
    चांद को भी पिला ही दिये.. बहुत खूब.. :)

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  26. बहुत खूब...त्रिवेणी शानदार है।
    बढ़िया अनुभव...

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  27. सुंदर कल्‍पना-
    रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

    उत्तर देंहटाएं
  28. मेरा मानना है की टिपण्णी पढ़कर आप introspection भी कर सकते है की आप कहाँ ग़लत थे ?या आप से कहाँ "वैचारिक असहमति 'हो सकती है ...टिपण्णी पढ़कर ये भी अंदाजा लग जाता है किसने आपका लेख पढ़ा है ओर किसने महज़ "लेन- देन की रस्म " निभायी है

    mera bhi yahi manna hai ...

    mai gaya tha aasman me chand ko tangne
    par taro ne kaha le jao ese dharti par...
    vahi ke log pagal hain eske liye...

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  29. संस्मरण मजेदार...!! .लेकिन त्रिवेणी आपकी स्टाइल की ...क्या बात है.

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  30. त्रिवेणी जबरदस्त है, रोशनी फिर ठीकठाक होने लगी है लगता है उपर के टिप्पणीकारों में से किसी ने चांद को वापस टांग दिया है।

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  31. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे
    :
    [:)] ... mast hai.... aur aap ka likha jab bhi padhte hai ....vakt ban jaata hai...

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  32. अमाँ स्नैक्स में पहले से ही डेक्सोना और एविल सर्व करवा देते, एक पैग में डेढ़ दो पैग
    डबल मज़ा आता अलग से..
    मस्ती आती सस्ती में !

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  33. :) वैसे होस्टल के दिन होते अनमोल है| मजेदार वाकिया था|

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  34. अनुराग जी,

    रोचक लेख साथ ही भावनाओं के शिखर से उतरी त्रिवेणी.. आभार

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  35. तीन लाइन की त्रिवेणी को टिप्पणीकारॊं ने तीस लाइन की कहानी से भी भारी बना दिया। मैं भी इससे सहमत हूँ; बस यह जोड़ता चलूँ कि कहानी भी गजब की उम्दा रचना है। :)

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  36. पहली बार आपके ब्लौग पर आया हूँ और त्रिवेणियों से घायल होके जा रहा हूँ.पढ़ कर लगा गुलजार साब को पढ़ रहा हूँ.
    ब्लौग के शिर्षक पर खटकता है " ’दीनों’ की आक्सिजन..." हिन्दी से इश्क है तो ये छोटी-छोटी गलतियाँ चुभ जाती हैं.अन्यथा न लिजियेगा

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  37. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे

    " dont know how i missed this post, trivenee is mind blowing and i am thinking kya aise shabdon ko peroya ja sekta hai...चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे..... m speechles"

    Regards

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  38. मय के आगोश में रात भर न रोता तो क्या करता,
    चाँद के सीने में भी तो इक दिल होता है...

    और

    जो आँगन न होता तेरा, तो क्या होता,
    बेचारे चाँद ने कब दुनिया का रुख देखा है...

    चाँद से बेरुखी पर आपसे शिकायत और आँगन के सहारे पर शुक्रिया....

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  39. o jee piyakkadon ka kya bharosa aaj aangan men kal naali men
    chaand ko smbhalo bhai

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  40. बहुत देर से आया आप तक...लेकिन सारी थकान उतर गयी...क्या लिखते हैं आप...बेहद दिलचस्प अंदाज़...गज़ब के किस्सा गो हैं...कभी बैठना पड़ेगा आप के साथ...और त्रिवेणी...कमाल की है.
    नीरज

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  41. संस्‍मरण दिल से है। आपने टांग तो दिया चांद को उठाकर आसमान में।
    कभी मशाल लेकर ..हॉस्‍टल की बाउंड्री पर दौड़ने वाले संस्‍मरण भी प्रसारित हो जाएं!

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  42. kafi dinon baad visit kar raha hun par aate hi pichli chhti hue sari rachnayen padh liya, bahot hi badhiya, dhnyabad,

    दीवाली ki dher sari shubhkamanayen.

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  43. prakran to aapne mazedaar sunaya par triveni padhkar khas tour par dil khush hua

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  44. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे
    bahut sundar abhivyakti

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  45. अनुराग जी,
    बहुत रोचक घटना की आपने जानकारी दी । तीन पंिक्तयां बहुत अच्छी हैं । दीपावली की शुभकामनाएं ।
    http://.ashokvichar.blogspot.com

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  46. वाह... माईक के रूप मे क्या खूब टेस्ट ऑब्जेक्ट चुना आपने....लाईव टेस्टिंग.......और मजे की बात तो ये है कि Testing Environment भी पार्टी के रूप मे बना लिया गया..काफी मजेदार वाकया है।

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  47. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  48. सही पियक्कड हैं आप खुद इतने टुन्न हो गये कि आसमाँ का चांद आपको जमीं पर नजर आया । चाँद न हुआ टोपी हो गई कि टांग दें ।
    पर त्रिवेणी सही है ।

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  49. आपको और समस्त परिवार को दीवाली का पर्व मंगलमय हो!

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  50. दीप मल्लिका दीपावली - आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

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  51. दीप मल्लिका दीपावली - आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

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  52. दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं...

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  53. ****** परिजनों व सभी इष्ट-मित्रों समेत आपको प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मां लक्ष्‍मी से प्रार्थना होनी चाहिए कि हिन्‍दी पर भी कुछ कृपा करें.. इसकी गुलामी दूर हो.. यह स्‍वाधीन बने, सश‍क्‍त बने.. तब शायद हिन्‍दी चिट्ठे भी आय का माध्‍यम बन सकें.. :) ******

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  54. आप सब सुखी, स्वस्थ और सानंद हों. दीवाली की शुभकामनाएं.

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  55. दीपावली पर्व की आपको और आपके परिजनों को हार्दिक शुभकामना .

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  56. परिवार व इष्ट मित्रो सहित आपको दीपावली की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !
    पिछले समय जाने अनजाने आपको कोई कष्ट पहुंचाया हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ !

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  57. लिखना जारी रखें बधाई हो अच्छा लिखने के लिये

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  58. शुभकामनाएं अच्छा लिखने के लिये। मिशन जारी रहे।

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  59. रात भर तारो की बेवफ़ाई पर बड़बड़ाया है
    तुम उठाकर इसको आसमान मे टांग देना .......
    चाँद कल पी कर गिर पड़ा था आँगन मे


    chaand ke aisey bhi bure din aa gaye????:)--aur khud jo amavas mein taron ko roshni se marhuum rakhta hai-us ki shikayat wo kahan karen??

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  60. यादों की चढ़ी उतरती नहीं,,,

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कुछ टिप्पणिया कभी- कभी पोस्ट से भी सार्थक हो जाती है ,कुछ उन हिस्सों पे टोर्च फेंकती है ... .जो लिखने वाले के दायरे से शायद छूट गये .या जिन्हें ओर मुकम्मिल स्पेस की जरुरत थी......लिखना दरअसल किसी संवाद को शुरू करना है ..ओर प्रतिक्रिया उस संवाद की एक कड़ी ..

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