2009-09-25

गुफ्तगू !!!!



देर रात .....आसमान में
उन पहाडियों के ऊपर....
वादियों के तारे .....
जब जमा होते है
दिन भर की दास्तां बांटने को....
नीचे ........
एक खाली तम्बू  की ओर
इशारा करके कोई एक कहता है
"लगता है मेरे वाले को आज गोली लगी है "!





आर्मी के खुले ट्रक जब फौजियों से लदे फदे गुजरते है ...सड़क किनारे खड़े तकरीबन पांच छह साल के तीन चार बच्चे उन्हें सेल्यूट करते है ....मन में पता नहीं  क्यों ख्याल आता है ..अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा गौतम जाने क्या सोचता होगा

58 टिप्‍पणियां:

  1. इस भावनात्मक पोस्ट को पढ़ कर टिप्पणी नहीं की जा सकती...सिर्फ सेल्यूट किया जा सकता है...बस...
    नीरज

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  2. प्रगति मैंदान के पास सैनिकों का एक बैरक है. अक्सर ऑफिस आते जाते यह खुला ट्रक दीखता है... सलुते देने वालों बच्चों में मैं भी हूँ... या फिर इंडिया गेट पर का मुस्तैद जवान जो लगता है मूर्ति जैसा खडा हो... कल पंचायती राज मंत्रालय गया था एक जवान लगभग ८-१० की किलो का बोझ अपने सीने, पीठ, कमर और जांघों पर बांधे हुए ड्यूटी दे रहा था... मेरे चाचा भी फौज में थे... कारगिल की लडाई देखि है, श्रीलंका गए हैं... सोमालिया भी... उनके साथ-साथ हमारे परिवारों ने भी वो दर्द सहा है और उनकी हिम्मत भी बढाई है... एक से एक कारनामे और घटनाएँ सुनते हम जागे है कई रात... श्रीलंका और कारगिल के वक़्त की रात प्रार्थनाओं का दौर था... तब बड़े बड़े त्याग देश के सामने छोटे पड़ जाते हैं...

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  3. एक खाली तम्बू की ओर
    इशारा करके कोई एक कहता है
    "लगता है मेरे वाले को आज गोली लगी है "!

    kuch kehte nahi banta,bas ek salami hamari bhi.

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  4. ईश्वर गौतम को ज़ल्द से ज़ल्द स्वस्थ करे यही प्रार्थना है,और शायद यही प्रार्थना हर गोली के शिकार लोगो के सगे,दोस्त और चाहने वाले करते होंगे।क्या इस का कोई अंत भी है?

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  5. जोधपुर में जब भी सेनापति भवन के आगे से जाना होता.. तो बाहर खड़े गार्ड को जरुर सेल्यूट मारता.. शक्ल तो याद नहीं कितने लोग बदले होंगे वहा पर सब वापस सेल्यूट मारते थे.. एक अरसे से वहा जाना नहीं हुआ.. आज आपकी पोस्ट पे सेल्यूट मारने का मन कर रहा है..
    मेजर तो माशाल्लाह फाईटर है.. उन्हें डर कैसा.. वहां बैठकर भी वे ग़ज़ल लिख रहे होंगे..

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  6. आप डॉक्टर हो इसलिए दर्द समझते हो !
    ईश्वर गौतम को ज़ल्द से ज़ल्द स्वस्थ करे यही प्रार्थना है!

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  7. कुछ भी कहने के लिये शब्द नहीम हैं बार बार उनकी मेल पढ कर देख लेती हूंम जो अभी 4-5 दिन पहले ही आयी थी ।भगवान से बार बार यही प्रार्थना करती हूंम कि उनकी सेहत मे जल्दी सुधार हो और उन्हें लम्बी आयू दे। भावनात्मक पोस्ट के लिये धन्यवाद्

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  8. गौतम जी जल्दी ठीक हो जायेगे ..बहुत करीब से फौजी ज़िन्दगी को देखा है, हंसते हंसते हर दर्द को सहते हैं गौतम जी भी जल्द ही यही फिर से कोई गजल पढ़वा रहे होंगे हमें .

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  9. इश्वर गौतम को कुशल रखे......इस दर्द को बांटने के लिए धन्यवाद

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  10. सुन्दर! जय हो। गौतम के जल्दी ठीक होने की आशा और मंगलकामना करते हैं!

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  11. डॉक्टर साहब आपकी पोस्ट ने उदास कर दिया. पता नहीं क्यों सैनिकों की बात चलने पर मुझे - कर चले हम फिदा... - गीत याद आ जाता है और याद आते हैं वे सवाल जो हर शहीद अपने देशवासियों के लिए छोड़ जाता है...

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  12. रोटी थी न पानी न तो उजाले का पता था
    झगड़ा न यह तो जैसे हादसा ए कर्बला था
    सन्नाटे की चीख़ें तो भीतर शोर बरपा था
    यूँ पानी की तरह यह अँधियारा खड़ा था
    गौतम जिसकी हिफ़ाजत को बख़ूब लड़ा था
    उबर निकला वह, भले ही घाव बहुत बड़ा था

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  13. नीचे ........
    एक खाली तम्बू की ओर
    इशारा करके कोई एक कहता है
    "लगता है मेरे वाले को आज गोली लगी है "!

    bahut achhi post...Gautem ji jaldi hi swasthy ho jayenge...

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  14. डाक्टर साहब..मेजर गौतम जल्द ही स्वस्थ होकर लौटेंगे..हमें विश्वास है....और मेरे जैसा फ़ौजी परिवार वाला ये दर्द बखूबी समझ सकता है...मेरे पिताजी खुद ..इन हालातों से गुजर चुके हैं..और हम बच्चे अभी तक वो दिन नहीं भूल पाये हैं....

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  15. दुर्गा पूजा एवं दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं।
    ( Treasurer-S. T. )

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  16. सच पूछियों हमें आज भी अपने फोजी जवानों पर नाज और विश्वास है बैशक हमारा विश्वास टूटा है बाकी की सरकारी सस्थाओं से। इसकी वजह इनकी बहादुरी, इनका देश प्रेम, इनकी काबलियत...............। जब से खबर सुनी थी तब से ही दिल की बैचेनी बढ गई थी। पर आपसे बात करके कुछ तसल्ली मिली। गौतम जी आपको मेरा सेल्यूट। आप जल्दी से ठीक होकर आ जाए बस यही दुआ है हमारी।

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  17. सच मे आपको सेल्युट कर रहा हूँ क्योकि आपके इस पोस्ट मे जो भावना है उसके लिये यही उचित है ....................दुसरा सेल्युट गौतम को!

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  18. mere bahut saron ko goliyan lagee hain..kaise bhula sakungee uhnhen...? Juinhon ne mere watan kee raah me aonee jaan nichhawar kar dee?

    Rachna behad sundar hai..apne dard ko yaad dila gayee..

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  19. हम भी खड़े होकर उस दिलेर को सेल्यूट कर रहे हैं.

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  20. कम शब्दों में बड़ी बात कहने का सलीका सिर्फ आपको आता है ,टू दी पोइंट बात है वादी के तारो के जरिये आपने फौजी के लिए जिस अंदाज में अपनी बात कही है उससे आपकी इमेजिनेशन के दायरे का अंदाजा होता है .गौतम जी को भी आपके जरिये ही जाना है ओर सच मानिए आँख खुली है की फौजी भी कितना खूबसूरत लिखता है .
    सेल्यूट !

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  21. आठ पंद्रह पे मेरे मोबाइल पे एक एस एम एस फ्लेश हुआ है ...
    i cried that day when suresh (maj suresh suri )fell.i cried yesterday whan pallavi (maj suri wife) called me from secundrabad after the creamation to ask about my injurier..and today again tears came rolling down when i read u r post...
    pain is bearable now in my left hand bone .hopefully there is no infection .i am reading blogs on my mbl .not able to comments thru mbl plz submit my sms on ur today's post- mjr gautam

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  22. गौतम का नाम मिला हैं तुमको
    गौतम बनना होगा तुमको
    इंसान नहीं हो तुम
    शिला हो , सो भाव ना हो तुममे
    तुम हो तो सुरक्षित हम हैं गौतम
    तुम जैसी शिलाओ से
    सुरक्षित हैं सीमाये
    माँ बनने वाली हैं पल्लवी
    फिर जन्मेगा एक सुरेश
    फिर उसको तुम्हे ही बनाना है मेजर
    हम भी पीछे नहीं हैं गौतम
    जहां कहोगे शिला बन कर खडे रहेगे
    ना सुरेश अकेला था
    ना पल्लवी अकेली होगी
    तुम हुकुम करना
    हम पूरा करेगे

    Rachna Singh

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  23. गौतम हम अपलक आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं !

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  24. कुछ दिनों पहले,हमारे एक करीबी, कर्नल के पद पर कश्मीर के बॉर्डर पे तैनात थे. कई बार जब फ़ोन करते, बैकग्राउंड में मशीनगन्स की गड़गडाहट सुनाई देती और रोम रोम सिहर जाता. दिन रात लब पे ये दुआ रहती,कोई गोली उन्हें छूकर भी ना निकले. आज यही दुआ मेजर गौतम के लिए है,ईश्वर उन्हें जल्दी स्वस्थ करे.

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  25. अनुराग जी, आपकी पोस्ट को पढ़ कर संजीदा हो गया हूँ, गौतम जी के लिए शुभकामनायें !

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  26. आपकी पोस्ट और मेजर साब की टिपण्णी !
    कभी-कभी कोई बात इतनी छू जाती है कि कुछ कहने को नहीं रह जाता. तब शायद आँखें ही बोलती हैं बस.

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  27. चिंता न करें गौतम जी जल्द स्वस्थ होंगे
    और बहुत सारी ग़ज़लें हमें पढने को मिलेंगी

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  28. गौतम की फाइटिंग स्पिरिट उन्हें ज़ल्द ही स्वस्थ कर फिर से हम सब के बीच ले आएगी , ऐसा मेरा विश्वास है.
    वीर योद्धा को सलाम.

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  29. यूं भी गौतम ऐसा शायर है जिसे सीने में शेर दिल है
    तीन दिन पहले जब गौतम से बात हुई तो तो कूल था ...बोला डॉ साहब बारूद जंग लगा था ...हड्डी में इन्फेक्शन न हो जाए इसलिए ओब्सर्वेशन में रखेगे ...हमारे पेशे में कहा जाता है ब्लास्ट इंजरी बड़ी गन्दी चीज होती है ..उससे बात करके तसल्ली हुई...एक अधूरी सी पोस्ट थी ...सोचा उसे पूरा करूं....कुछ लिख कर कागजो में बंद किया ...इत्तिफकान सुबह उस सड़क से गुजरा ...उन बच्चो को देखा ओर फिर दिल किसी ओर दौड़ पड़ा ........
    सन २००१ में मैंने प्रेक्टिस शुरू की थी ....तीन महीने बाद एक नौजवान हेंडसम केप्टन मुझसे ट्रीटमेंट कराने के लिए आया ....उसकी तीन महीने बाद शादी थी .कुछ दिन आता रहा ..फिर कभी कभी मेरे मोबाइल पर एक अजीब सा नंबर फ्लेश होता ....दीवाली पर .वो होता बोलता सॅटॅलाइट फोन से फोन कर रहा हूँ......तीन साल ये सिलसिला बरक़रार रहा .....बीच बीच में कभी उसकी पत्नी मेरे पास आती रही.....फिर दो साल यूँ ही गुजर गए .मुझे लगा केप्टन मुझे भूल गया ......२००७ में उसकी पत्नीअपने ढाई साल के बच्चे को लेकर आयी ...दिखाने के बाद मैंने यूँ ही मजाक किया ...कैप्टन साहब हमें भूल गए .....वो रो पड़ी ......मालूम चला दो साल पहले वो शहीद हो चूका था.....

    आज का दिन भगत सिंह का भी जन्म दिन है ..२३ साल की उम्र में वो फांसी चढ़े .....राजेन्द्र कुमार की कविता .."भगत सिंह :सौ बरस के बूढे के रूप में याद किए जाने के विरुद्ध "वापस दे रहा हूँ ....

    वे तेइस बरस
    आज भी मिल जाए कही ,किसी हालात में
    किन्ही नौजवानों में
    तो उन्हें
    मेरा सलाम कहना
    ओर उनका साथ देना
    ओर अपनी उम्र पर गर्व करने वाले बुढो से कहना
    अपने बुढापे का गौरव उन पर नयोछावर कर दे ......

    उत्तर देंहटाएं
  30. अनुराग सर.. कुछ चीज़ें कहीं अन्दर तक असर करती हैं.. आपकी नज्में उनमें से एक हैं.. अशफाक़ साहब ने एक शेर कहा था.. शहीदों की चिता पर लगेंगे हर बरस मेले.. वतन पे मरने वालो का यही बाकी निशां होगा.. उन फौजियों को मेरा भी सलाम जो हंसते हंसते देश के लिए अपनी जान की बजी लगा देते हैं.. मैंने एक ग़ज़ल लिखी थी जिसका एक शेर अपने इन्ही भाइयों के लिए लिए कहा था..

    हैं जगती दो आँखें कहीं सरहद पर ,
    बेपरवाह यहाँ पे सोती है ये दुनिया !!

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  31. अनुराग जी नमस्कार बस अभी सोच रही थी भगत सिंह पर कुछ लिखूं ..लेकिन आपकी पोस्ट पढने के बाद शब्द सिकुड़ से गयें हें और राजेन्द्र जी की कविता पढने केबाद ...दुनिया की सारी अभिव्यक्तियाँ इसमें शामिल पाती हूँ तहे दिल से शुक्रिया ...आप दोनों को .....अपने परिवार के साथ भगत जी का जन्म दिन बड़ी ही आत्मीयता के साथ सभी मनाये ,सभी को बधाई ...बहत कुछ लिखना है ..नहीं लिख पारही हूँ कवि के शब्द लौटाती हूँ सभी के लिए ,नमन
    वे तेइस बरस
    आज भी मिल जाए कही ,किसी हालात में
    किन्ही नौजवानों में
    तो उन्हें
    मेरा सलाम कहना
    ओर उनका साथ देना
    ओर अपनी उम्र पर गर्व करने वाले बुढो से कहना
    अपने बुढापे का गौरव उन पर नयोछावर कर दे ...

    उत्तर देंहटाएं
  32. अनुराग जी
    नमस्कार
    देरी से आने के लिए क्षमा .

    आपकी पोस्ट ने बहुत सी बात याद दिलवा दी, नागपुर की फौजी छावनी, हैदराबाद की आर्मी सेंटर्स.. ..कितने दोस्त ...कितनी यादे.. कितनी बार फ़ुट फ़ुट कर रोना उनके लिए जो वहां चले गए ,जहाँ से कोई वापस नहीं आता .. मेजर सूरी के बार में जब पेपर में पढ़ा तो जाना की गौतम को भी चोट लगी है , रहा नहीं गया ..तो शाम को ब्लॉग पर एक पोस्ट डाल दी , फिर किसी ने national security की बात की तो उसे डिलीट कर दिया ..

    मेजर जे श्रीनिवास सूरी शहीद हुए है , साथ में नायक खुशाल सिंह और दो जवान भी वीरगति को प्राप्त हुए है .. ईश्वर से प्रार्थना है की उनके परिवारों को हौसला दे. दोस्तों ....ये सारे शहीद ,सिर्फ इसलिए जान दे रहे है ,क्योकि हम अच्छे से रहे.. मैं अपने देश के शहीदों को सलाम करता हूँ ..

    लेकिन एक बात से मैं दुखी हूँ की ,क्या ये सब कुछ शांत नहीं हो सकता ,किसी शहीद का परिवार क्या कभी भी normal हो पायेगा ...युद्घ और आतंकवाद क्या रोके नहीं जा सकते है ,किसी की जान लेकर जीता तो क्या जीता .....क्यों ..और कब तक ... क्या कभी इंसानियत को सांस लेने का अवसर मिलेंगा ...चैन , अमन क्या सिर्फ किताबो में दर्ज शब्द है ....

    मेरी भावुकता शायद मेरी कमजोरी है ,पर कब तक हम कुछ दिन शहीदों का नाम लेंगे और फिर भुला देंगे जैसे भगत सिंह को भुला दिया गया है ...

    पता नहीं दोस्त.... पर मेरा सलाम ,हमारे देश के बहादुरों को ..

    मेजर गौतम राजरिशी ...आप जल्दी से ठीक हो जाये.. यही हमारी दुआ है ,


    आपका
    विजय

    उत्तर देंहटाएं
  33. जब से खबर सुनी है मन अनमना है..
    मेरी दुआएं हैं उनके लिए और उनके साथ घायल हुए सभी फोजी साथियों के लिए भी वे सभी जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो जाएँ और फिर ऐसा कोई हादसा दोबारा न हो.
    इस वक़्त बस अपने मन के आत्मविश्वास को खोने न देना..क्योंकि यही विश्वास आप के हर जख्म को जल्दी भर देगा.
    हम सब का प्यार और प्रार्थना आप के साथ तो है.

    उत्तर देंहटाएं
  34. शह सवार ही गिरते हैं मैदान-ऐ-जंग में, वोह लोग क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें....!!

    उत्तर देंहटाएं
  35. आपकी पोस्ट पढ़कर कारगिल युद्घ का वो समय याद आ गया जब सनिकों से भरे ट्रक मेरठ से गुजर रहे थे उन ट्रक में बैठे जवानों को देख कर जाने कैसे कैसे ख्याल मन में उमड़ रहे थे ,,,कभी वो सरहद पर दुश्मन से लड़ते , गोलियां खाकर गिरते नज़र आ रहे थे तो कभी उनके परिवार वालों की अनदेखी तस्वीरें आँखों के आगे घूम रहीं थीं ...सभी उनके जीतकर सही सलामत लौटने की दुआ मांग रहे थे और नम आँखों से मगर गर्व से उन्हें विदाई दे रहे थे ....
    मुझे गर्व है अपने देश की सरहद के रक्षकों पर .....
    ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ की गौतम जी को जल्दी ही स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे .....गौतम जी GET WEL SOON ...WE ALL ARE WAITING FOR YOU

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  36. आपकी पोस्ट पढ़कर तो कुछ समझ नहीं आया
    प्रतिक्रियायों को पढ़कर जब
    समझ में आया तो यकीन नहीं हो रहा .......

    मेजर गौतम जी पर फख्र हो रहा है ....
    नाज है हमें उन पर ...
    एक सैनिक के लिए इस तरह के हादसे ही
    सबसे बड़े मेडल होते हैं

    उन्हें जल्दी ही आना है ....आना ही होगा
    दोगुनी हिम्मत और दस गुने आत्म विश्वास के साथ

    उनकी जाबांजी को सैल्यूट करता हूँ
    जय हिंद

    उत्तर देंहटाएं
  37. देर रात .....आसमान में
    उन पहाडियों के ऊपर....
    वादियों के तारे .....
    जब जमा होते है
    दिन भर की दास्तां बांटने को....
    नीचे ........
    एक खाली तम्बू की ओर
    इशारा करके कोई एक कहता है
    "लगता है मेरे वाले को आज गोली लगी है "!

    क्या कहूँ ...प्रकाश जी टिप्पणी के शब्द ले रही हूँ.....

    मेजर गौतम जी पर फख्र हो रहा है ....
    नाज है हमें उन पर ...
    एक सैनिक के लिए इस तरह के हादसे ही
    सबसे बड़े मेडल होते हैं ....!!

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  38. 4 laaine....

    bahut sahi likhi hain aapne....

    kisi ko achchhi lagi..so ham bhi aa gaye padhne...

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  39. चन्‍द शब्‍दों ने ही दिल को हिलाकर रख दिया। वाकई हम सब की जिन्‍दगी मेजर गौतम जैसे सैनिकों के कारण ही है।

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  40. इष्ट मित्रों एवम कुटुंब जनों सहित आपको दशहरे की घणी रामराम.

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  41. आपकी पोस्ट अवश्य ही दवा और दुआ से अधिक असरदार है...

    उत्तर देंहटाएं
  42. क्या कहू मैं....कितने बहादुर होते हैं हमारे जवान और उनके परिवार वाले! इश्वर गौतम को जल्दी ठीक करे!

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  43. इस बेहद संजीदा पोस्ट को पढ़ने मे मै लेट सही मगर आखिरी शख्स नही होऊँगा..ब्लॉगर पर नया होने की वजह से मैं गौतम साहब को बस चंद रोज़ से ही जान पाया और बहुत ज्यादा जानता भी नही.मगर शायद शुरुआती इम्प्रेशन का कुछ नतीजा है कि उनका दर्द अपने कलेजे मे महसूस करता हूँ..काश कि दर्द पर जिस्मानी सरहदें न होती और उसे भी बाँट सकते खु्शियों की तरह..टेलीपै्थी से..थोड़ा-थोड़ा सबके हिस्से मे आ जाता...
    और मुझे यकीन है कि इन्सान की बनायी सरह्दों पर सितारों का ऐतबार नही होगा..इतनी उँचाई से दिखती भी कहाँ होगी सरहदें..सब कैम्प अपने वाले ही लगते होंगे..
    और हाँ..शायद सदियों तक नरगिस अपनी बेनूरी पर जो रोती है..सो शायद उन्ही तेइस बरसों के लिये..
    ..शुक्रिया राजेंद्र जी की कविता पढ़ाने के लिये..और विजयादशमी के लिये बधाई..

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  44. गौतम भाई जल्दी से जल्दी स्वस्थ हों यही दुआ है।
    इस व्यवस्था ने हिंसा को कितना बढा दिया
    हर शिकार किसी का अपना ही तो होता है

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  45. तारों के बिम्ब का उपयोग इस तरह पहली बार देखा । बधाई हो डॉक्टर ।

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  46. आप कि पोस्ट पढ के कोलेज का एक लड्का याद आ गया जो लड्कियो जैसी हरकतो कि वजह से काफ़ि मशहुर था.... उस के हावभाव, चलने और बात बात पर रोने के कारन हम लोगो ने उस कि काफ़ि खिल्लि उडाइ ... और वो खुद भी हमारे साथ उसे एन्जोय करता कई बार...

    कोलेज छोड्ने के ३ साल बाद अचानक एक बेन्क मे थी ... काफ़ि बदल चुकी थि मै... और पिछे से कीसी ने मेरे नाम से मुझे पुकारा ... मुड कर देखा तो एक आर्मी-मेन खडा था....कुछ सेकन्ड तक याद किया कि मेरा कोइ दोस्त आर्मी मे गया भि था?? और जब वो मुस्कुराया तो पता चला कि वो वहि लड्का था जिस का कभी मजाक किया करते थे हम लोग!!! बिल्कुल बदल चुका था...नखशिख फ़ौजि लग रहा था वो !!! और मुझे बहोत खुशी हुइ उसे इस नये रुप मे देख कर.... उस वक्त वो काश्मिर बोर्डर पर था.... बाद मे कभि उस्से मुलाकात नहि हो पाइ...अभी तो उसके बारे मे कुछ भी पता नहि..

    और अभी ३ साल पहले दो जुड्वा भाइयो से मिलि.... उन् से अच्छी दोस्ती भि हुइ ...२ साल पहले दोनो ने फ़ोर्स जोइन किया....और अब पता चलता है कि जब हमारी पह्चान का कोइ फ़ोर्स मे हो उस का क्या मतलब है..

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  47. Bahut hee dil se nikalee hai ye bat. Gautam jee awashy aur jaldi hee swasth honge.

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  48. कभी कभी जब अपनी ज़िन्दगी के मायने खोजने की कोशिश करता हू और जब कुछ मीनिगफ़ुल करना चाहता हू तो ऐसे ही लोग प्रेरणा देते है...

    सबको नमन...

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  49. इतने कम शब्दो में, इतना गहरा, इतना प्रभावशाली कोई और भी लिखता है क्या ...????

    सिर्फ एक वाक्य से आँसू तो मेरे भी आ गये थे...!

    उत्तर देंहटाएं

कुछ टिप्पणिया कभी- कभी पोस्ट से भी सार्थक हो जाती है ,कुछ उन हिस्सों पे टोर्च फेंकती है ... .जो लिखने वाले के दायरे से शायद छूट गये .या जिन्हें ओर मुकम्मिल स्पेस की जरुरत थी......लिखना दरअसल किसी संवाद को शुरू करना है ..ओर प्रतिक्रिया उस संवाद की एक कड़ी ..

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